मोदी ने कहा- हेलिकॉप्टर कांड के राजदार को हम दुबई से ले आए, अब वह राज खोलेगा

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को सुमेरपुर में अगस्ता-वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलिकॉप्टर घोटाला का जिक्र किया। उन्होंने कहा, "यूपीए के वक्त देश में वीवीआईपी हेलिकॉप्टर का घोटाला हुआ था। सरकार में आने के बाद हमने घोटाले की जांच शुरू की। उसमें से एक राजदार हमारे हाथ लग गया। आज अखबारों में पढ़ा होगा। अब ये राजदार राज खोलेगा तो पता नहीं बात कितनी दूर तक जाएगी।" 3600 करोड़ रुपए के इस घोटाले में बिचौलिये ब्रिटिश नागरिक क्रिश्चियन मिशेल को मंगलवार देर रात संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से भारत लाया गया।

मोदी ने कहा कि इस घोटाले से जुड़ी कड़ियों की हम लंबे वक्त से तलाश कर रहे थे।अब उसमें से एक राजदार हाथ लग गया। यह दलाली का काम करता था। हिंदुस्तान के नामदारों के यार दोस्तों को खुश रखता था। उनका ख्याल रखता था। इंग्लैंड का नागरिक है और दुबई में रहता था।

नेशनल हेराल्ड केस का जिक्र किया
मोदी ने नेशनल हेराल्ड केस का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, " सुप्रीम कोर्ट ने इस केस में सोनिया-राहुल के खिलाफ जांच की मंजूरी दी है। कोर्ट ने नामदारों के काले कारनामों का चिट्ठा खोलने का अधिकार सरकार को दे दिया है। देखते हैं ये लूट मचाने वाले कितना बच कर निकलते हैं?"  नेशनल हेराल्ड केस में राहुल, सोनिया और कांग्रेस नेता ऑस्कर फर्नांडीस के खिलाफ आयकर जांच अभी जारी रहेगी। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को आयकर विभाग को इनके खिलाफ वर्ष 2011-12 का टैक्स असेसमेंट दोबारा खोलने की इजाजत दे दी है। हालांकि, कोर्ट ने कहा कि मामला लंबित रहने के दौरान इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाए।

मोदी ने राहुल के कुंभकर्ण बयान पर तंज कसा 
मोदी ने कहा, "जाट नेता का नाम था कुंभाराम। उनके नामदार ने कुंभकर्ण कह दिया। जिनको अपनी पार्टी के नेता का नाम नहीं पता। जो कुंभकर्ण के गीत गाते हैं। वे सरकार में आकर सरकार में सोते रहेंगे।" दरअसल, राहुल ने मंगलवार को कहा था कि गहलोत सरकार ने झुंझनू के लिए कुंभकर्ण योजना के लिए पैसा दिया था। बाद में मंच पर बैठे नेताओं ने उन्हें बताया कि कुंभकर्ण नहीं, कुंभाराम। यह योजना गहलोत सरकार ने शुरू की थी। गलती का अहसास होते ही राहुल ने मंच से ही लोगों से माफी मांगी।

मिशेल पर क्या आरोप हैं?
वीवीआईपी हेलिकॉप्टर सौदे में मिशेल पर 225 करोड़ रुपए की दलाली लेने का आरोप है। इस घोटाले में पूर्व वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी, उनके परिवार के सदस्यों और अफसरों को भी शामिल किया गया था। यह भी कहा गया कि अधिकारियों ने अपने पद का गलत इस्तेमाल करके वीवीआईपी हेलिकॉप्टर की सर्विस सीलिंग 6 हजार मीटर से 4500 मीटर तक कम करा ली थी। सीलिंग कम होने के बाद 556.262 मिलियन यूरो (करीब 44 लाख करोड़ रुपए) के हेलिकॉप्टर कॉन्ट्रैक्ट पर सहमति बनी थी। इसके लिए रक्षा मंत्रालय (यूपीए 2) ने 8 फरवरी 2010 को 12 वीवीआईपी हेलिकॉप्टरों के लिए पैसे दिए थे।

भारत कैसे लाया गया?
मिशेल के खिलाफ 24 सितंबर 2015 को गैर जमानती वॉरंट जारी किया गया था। फरवरी 2017 में उसके खिलाफ इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था। मिशेल को दुबई पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद से वह यूएई की जेल में ही था। दुबई कोर्ट ने मिशेल के वकीलों की तरफ से दायर दो आपत्तियों को खारिज कर दिया था। साथ ही उसे भारतीय अफसरों को सौंपे जाने का फैसला सुरक्षित रख लिया था। पिछले साल सितंबर में मिशेल के खिलाफ चार्जशीट दायर की गई थी।

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